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क्या मायने हैं स्वतंत्र पत्रकारिता के ?

15 अक्टूबर

#खुद को स्वतंत्र पत्रकार कहने वाला हर्ष यादव का कहना है कि पुलिस हिरासत में जो भी पुलिस वाला आता था मुझे लात थप्पड़ों से मारता चला जाता था…. जबकि मेरे पास प्रेस कार्ड था ! इस समय हर्ष यादव पुलिस से डरकर अज्ञात जगह पर छिपा है!

#अब मुझे ये जानना है कि स्वतंत्र पत्रकार का मतलब क्या समझते हैं हर्ष यादव? और स्वतंत्र पत्रकार के पास किस चैनल या किसी संस्थान का प्रेस कार्ड होता है ? और अगर किसी संस्थान का प्रेस कार्ड है तो फिर हर्ष स्वतंत्र पत्रकार कैसे हो गया ? वो तो किसी चैनल का रिपोर्टर हो गया ना !

#दूसरी बात अगर किसी संस्थान का रिपोर्टर है तो उसकी सीमाएं हैं…. यानि कि संस्थान अपने किसी भी रिपोर्टर को असीमित अधिकार नहीं देता कि कहीं भी जाकर किसी भी विषय पर रिपोर्टिंग कर ले ?

#गौरतलब है कि संस्थान अपने रिपोर्टर को विषय , क्षेत्र के आधार पर जिम्मेदारी सौंपता है … यानि कि अगर कोई दैनिक जागरण का पत्रकार है या आजतक का पत्रकार है तो वो किसी क्षेत्र विशेष के लिए रिपोर्टिंग करेगा ना कि हरियाणा का रिपोर्टर उत्तराखंड में आकर रिपोर्टिंग कर लेगा कि देखो मैं तो फलाने चैनल का पत्रकार हूँ !

#स्वतंत्र पत्रकार की भूमिका में अजीत अंजुम हैं.. जो अजित अंजुम नाम से ही सोशल मीडिया के लिए पत्रकारिता कर रहे हैं… उनके पास किसी चैनल का प्रेस कार्ड नहीं है और ना ही प्रेस कार्ड की धौंस देते हैं और ना ही सरकार से मान्यताप्राप्त हैं… इसलिए हर्ष यादव जैसों को किसी संस्थान का प्रेस कार्ड लेके अपने आप को स्वतंत्र पत्रकार कहने से बचना चाहिए!

#आश्चर्य की बात ये है कि उसके पास किस चैनल का प्रेस कार्ड है ? यही बात नहीं पता किसी को ? और हाँ उस चैनल के लिए रिपोर्टिंग कभी की भी नहीं ? बल्कि उसकी आड़ में अपना सोशल मीडिया के लिए रिपोर्टिंग कर रहा है! बेहतर होता कि चैनल ही उस पर मुकदमा दर्ज करता है कि हमारे प्रेस कार्ड से ये जंतर मंतर में प्रोटेस्टर बनकर माहौल खराब कर था… !

#फिलहाल हर्ष यादव पर मुकदमा दर्ज होना तय है अगर वो प्रेस कार्ड की आड़ में संवेदनशील जगह पर जाकर माहौल बिगाड़ने पत्रकारिता करता है! हाँ अगर स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहा है तो प्रेस कार्ड की आड़ से बचना चाहिए और तुरंत चैनल को उससे प्रेस कार्ड छीन लेना चाहिए या खुद ही हर्ष को वो प्रेस कार्ड जमा कर देना चाहिए।

#प्रेस कार्ड दिखाकर धौंस जमाने वाले हर्ष यादव इस समय तो स्वतंत्र पत्रकारिता का मजाक ही बना रहा है!

#independentjournalist