उत्तराखण्ड उधम सिंह नगर किच्छा

भूमि विनियमितीकरण की समयसीमा बढ़ाने की मांग, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किसानों को दिया भरोसा

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21 अगस्त 2026 ,किच्छा

क्षेत्र के वरिष्ठ किसान नेता श्याम चंद कम्बोज ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से मुलाकात कर प्रदेश में भूमि विनियमितीकरण की समाप्त हो चुकी समयसीमा को पुनः बढ़ाए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि समयसीमा समाप्त होने के कारण ऊधमसिंहनगर सहित प्रदेश के सैकड़ों किसान आज भी अपनी भूमि के विनियमितीकरण के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से इस महत्वपूर्ण विषय पर पुनः प्रभावी पैरवी करते हुए शासनादेश जारी कराने का आग्रह किया।

किसान नेता श्याम चंद कम्बोज ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को अवगत कराया कि वर्ष 2019 में उनके विधायक रहते किए गए प्रयासों के फलस्वरूप तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ग-4 सहित विभिन्न श्रेणियों की भूमि के विनियमितीकरण की समयसीमा बढ़ाने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर 2019 को किच्छा में आयोजित तत्कालीन मुख्यमंत्री के अभिनंदन समारोह के दौरान आपने वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की निर्धारित समयसीमा समाप्त होने का विषय प्रमुखता से उनके समक्ष रखा था। उन्होंने बताया कि आपके आग्रह पर तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने समयसीमा बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसके बाद शासन स्तर से शासनादेश जारी कर निर्धारित अवधि को आगे बढ़ाया गया। इस व्यवस्था के अंतर्गत वर्ग-4 एवं वर्ग-3 की भूमि के साथ-साथ नजूल एवं लीज पट्टों, नगर पंचायत क्षेत्रों में लंबे समय से काबिज पात्र व्यक्तियों तथा गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट, 1895 के प्रावधानों के अंतर्गत आवंटित भूमि के संबंध में पात्र लोगों को भूमि संबंधी अधिकार प्राप्त करने का अवसर मिला।

वरिष्ठ किसान नेता श्याम चंद कम्बोज ने कहा कि निर्धारित अवधि के बाद विनियमितीकरण की समयसीमा आगे नहीं बढ़ाए जाने के कारण बड़ी संख्या में किसान और अन्य पात्र लाभार्थी इस प्रक्रिया से वंचित रह गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का संज्ञान लेते हुए भूमि विनियमितीकरण के लिए एक बार पुनः अवसर प्रदान किया जाए।

 

पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि भूमि विनियमितीकरण का विषय हजारों किसानों और परिवारों के हितों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, जब मैं विधायक था, तब भी मैंने किसानों और पात्र लोगों की इस समस्या को गंभीरता से उठाया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष किच्छा में आयोजित कार्यक्रम में यह विषय प्रमुखता से रखा था। उनके सकारात्मक रुख के चलते समयसीमा बढ़ाने का शासनादेश जारी हुआ और अनेक लोगों को इसका लाभ मिला। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसान इस सुविधा से वंचित हैं। कहा कि मैं इस विषय को पुनः गंभीरता से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखूंगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर भूमि विनियमितीकरण की समयसीमा दोबारा बढ़ाने तथा पात्र किसानों एवं अन्य लाभार्थियों को इसका लाभ देने के लिए शासनादेश जारी कराने का आग्रह किया जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि ऊधमसिंहनगर सहित पूरे प्रदेश के पात्र किसानों को इस महत्वपूर्ण व्यवस्था का लाभ मिल सके। कहा कि किसानों की भूमि से जुड़े मामलों का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में रहा है और आगे भी किसानों के हित में हरसंभव प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस विषय को शासन स्तर पर मजबूती से उठाकर पात्र लोगों को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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