31 अक्टूबर 2026, रामनगर
पीएनजी महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन एवं जनजागरूकता कार्यशाला आयोजित

विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को आपदाओं से बचाव, न्यूनीकरण और सुरक्षा के उपायों की दी जानकारी
पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामनगर में आज आपदा प्रबंधन एवं जनजागरूकता कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य प्रो. एम.सी. पांडे की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता एवं प्रशिक्षक श्री नवीन जोशी ने महाविद्यालय के भूगोल विभाग के विद्यार्थियों सहित विभिन्न विषयों के छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यशाला में श्री नवीन जोशी ने विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के कारणों पर प्रकाश डालते हुए उनके प्रभाव, बचाव तथा न्यूनीकरण के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को आपदाओं के दौरान सतर्कता बरतने, सुरक्षित स्थानों की पहचान करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से बचाव कार्य करने के बारे में बताया। उन्होंने आपदा प्रबंधन से संबंधित भूदेव एवं सचेत मोबाइल एप्लीकेशन की जानकारी देते हुए इनके उपयोग और महत्व को समझाया। साथ ही आपदा के समय समय पर मिलने वाले अलर्ट, सुरक्षा संबंधी निर्देशों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में इन एप्लीकेशन की उपयोगिता के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम.सी. पांडे ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाली विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं की परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आपदाओं का जोखिम अधिक रहता है। ऐसे में आपदा प्रबंधन की जानकारी, पूर्व तैयारी और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं नागरिकों से आपदा के प्रति सजग रहने तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के आयोजन में भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ. गोकुल सत्याल एवं श्री विजेंद्र कुमार यादव ने सहयोग प्रदान किया। कार्यशाला के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श भी किया गया। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग से प्रो. जानकी सुयाल एवं डॉ. उषा पंत जोशी, वाणिज्य विभाग से प्रो. सी.एस. जोशी तथा हिंदी विभाग से डॉ. पुनीता कुशवाहा एवं डॉ. सुरेश चंद्र सहित महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में भूगोल विभाग के प्रभारी डॉ. सिराज अहमद ने मुख्य वक्ता, प्राचार्य एवं उपस्थित सभी प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।



