उत्तराखण्ड रामनगर शिक्षा

कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने किया पीएनजी कॉलेज का दौरा, शोध, प्रकाशनों और नमामि गंगे कार्ययोजना की सराहना

कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने किया पीएनजी कॉलेज का दौरा, शोध, प्रकाशनों और नमामि गंगे कार्ययोजना की सराहना

रामनगर, 14 अक्टूबर।

  1. कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने किया पीएनजी कॉलेज का दौरा, शोध, प्रकाशनों और नमामि गंगे कार्ययोजना की सराहना

कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के कुलपति प्रोफे. सतपाल सिंह बिष्ट का पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामनगर में प्रथम बार आगमन पर प्राचार्य प्रोफे. एम.सी. पांडे एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर कुलपति ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक, शोधपरक एवं रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान कुलपति ने महाविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों, शोध कार्यों, नमामि गंगे कार्ययोजना एवं उसके अंतर्गत संचालित क्रियाकलापों तथा गुरु दिवस व्याख्यानमाला से संबंधित गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं ज्ञान के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध, अकादमिक प्रकाशन, पर्यावरण संरक्षण और समाजोपयोगी गतिविधियों के माध्यम से समाज को जागरूक करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। नमामि गंगे जैसी योजनाओं के अंतर्गत संचालित गतिविधियाँ विद्यार्थियों में नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक हैं। महाविद्यालय की गुरु दिवस व्याख्यानमाला को अकादमिक संवाद, विषय विशेषज्ञों के अनुभवों और विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल माना गया। इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों में विषय की गहरी समझ विकसित करने, नए विचारों से परिचित होने तथा शोधपरक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने में सहायक होते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे. एम.सी. पांडे ने कुलपति को महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध गतिविधियों, प्रकाशनों तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, पर्यावरण जागरूकता और अकादमिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया। कुलपति के प्रथम आगमन एवं निरीक्षण से महाविद्यालय परिवार में उत्साह का वातावरण रहा। उनके द्वारा शोध, प्रकाशन, नमामि गंगे कार्ययोजना और गुरु दिवस व्याख्यानमाला जैसी गतिविधियों की सराहना को महाविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों के लिए उत्साहवर्धक माना गया।