उत्तराखण्ड

*70,556 महिला समूह—आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: त्रिवेन्द्र*

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देहरादून/ नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026

 

हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा लोकसभा में उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों को मिल रही सहायता, उनकी आय एवं आजीविका, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, विपणन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

उन्होंने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत उत्तराखंड में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र सहित कुल 70,556 महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सहायता प्रदान की जा रही है। जिलावार आंकड़ों में अल्मोड़ा में 6,968, बागेश्वर में 3,171, चमोली में 6,362, चंपावत में 2,585, देहरादून में 4,246, हरिद्वार में 6,039, नैनीताल में 5,440, पौड़ी गढ़वाल में 7,457, पिथौरागढ़ में 5,320, रुद्रप्रयाग में 2,754, टिहरी गढ़वाल में 6,567, ऊधम सिंह नगर में 8,033 तथा उत्तरकाशी में 5,614 महिला स्वयं सहायता समूह शामिल हैं। इस प्रकार प्रदेश के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों में महिला SHG का एक व्यापक नेटवर्क तैयार हुआ है।

हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में 6,039 महिला स्वयं सहायता समूह DAY-NRLM के माध्यम से सहायता प्राप्त कर रहे हैं। ये समूह ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने के साथ-साथ उन्हें आजीविका, वित्तीय सेवाओं, कौशल विकास, ऋण-संपर्क और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।

राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों की आय और आजीविका बढ़ाने के लिए स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (SVEP), महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (MKSP), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY), ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) और आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) सहित विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, कृषि एवं गैर-कृषि आजीविका, वित्तीय सहायता तथा उद्यम विकास से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि SHG उत्पादों की बाजार तक पहुंच मजबूत करने के लिए ‘सरस’, ‘सरस आजीविका’ और ‘आजीविका’ ब्रांड के माध्यम से राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर मेले और विपणन गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। वहीं ई-सरस, GeM, ONDC, Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart जैसे डिजिटल एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से SHG उत्पादों को जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। सरकार के अनुसार 2025 में किए गए स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन में NRLM ब्लॉकों में घरेलू आय में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि परिपक्व सामुदायिक संस्थानों के क्लस्टर में आय में 12 से 33 प्रतिशत तक वृद्धि पाई गई। मूल्यांकन में महिला सशक्तिकरण, आजीविका विविधीकरण, प्रति व्यक्ति घरेलू खपत और समग्र घरेलू कल्याण में भी सुधार सामने आया

राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर ने बताया कि DAY-NRLM के अंतर्गत तीसरे पक्ष के प्रभाव मूल्यांकन, रियल-टाइम MIS आधारित निगरानी, आवधिक डेटा सत्यापन और क्षेत्र-स्तरीय सत्यापन की व्यापक व्यवस्था लागू है। इसका उद्देश्य योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने के साथ-साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना है। इस पर हरिद्वार सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं की लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में ठोस काम किया है।

 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 70,556 महिला स्वयं सहायता समूहों का मजबूत नेटवर्क और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में 6,039 समूह इस बात का प्रमाण हैं कि महिला सशक्तिकरण को अब सीधे आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है। श्री रावत ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वयं सहायता समूह स्थानीय कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य ग्रामीण उद्यमों को बाजार से जोड़कर गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि हर SHG को मजबूत आर्थिक इकाई, हर महिला को उद्यमी और हर गांव को स्थानीय रोजगार का केंद्र बनाना होना चाहिए।

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