12 अगस्त 2026, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व , रामनगर
12.08.2026 कार्बेट टाइगर रिजर्व में विश्व हाथीं दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
विश्व हाथी दिवस के अवसर पर कार्बेट टाइगर रिजर्व में हाथियों के संक्षण, उनके पारिस्थितिकीय महत्व तथा मानव-हाथी सह-अस्तित्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

प्रतिवर्ष’ की भांति इस वर्ष भी दिनांक 12 अगस्त 2026 को डॉ. साकेत बडोला, आई.एफ.एस. निदेशक. कार्बेट टाडगर रिजर्व के निर्देशन एवं श्री राहुल मिश्रा, आई.एफ.एस. उप निदेशक, कार्बेट टाइगर रिजर्व के नेतृत्व में बिजरानी, सर्पदुली एवं ढेला रेंज के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आमडंडा वन परिसर बाघ रक्षक विद्यालय, ढिकुली एवं ढेला के विद्यालयी छात्र-छात्राओं तथा प्रकृति प्रेमियों की सहभागिता से विश्व हाथी दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
श्री राहुल मिश्रा, आई.एफ.एस. उप निदेशक, कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं श्री बिन्दर पाल, पार्क वार्डन द्वारा अपने संबोधन में बताया गया कि हाथी वन पारिसिथतिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण वन्यजीव है। हाथी अपने आवास क्षेत्र में बीजों के प्रसार वनस्पतियों के पुनर्जनन तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकीय प्रक्रियाओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः इनके प्राकृतिक आवासों का सरक्षण एव हाथियों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कायक्रम के दौरान नेचुरलिस्ट श्री संजय छिम्वाल द्वारा विद्यालयी छात्र-छात्राओं को पयांवरण एव पारिरिथतिकी तंत्र में हाथियों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने एशियाई एवं अफ्रीकी हाथियों की प्रमुख विशेषताओं तथा दोनों प्रजातियों के बीच पाए जाने वाले अंतर से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।
इस अवसर पर मो. अकरम, चेयरमैन, रामनगर द्वारा भी विद्यालयी छात्र-छात्राओं से हाथियों के संरक्षण में सहयोग करने तथा वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की गई। श्री नवीन पाण्डे, वन क्षेत्राधिकारी, बिजरानी द्वारा विद्यार्थियों को हाथियों के जीवन, व्यवहार, शारीरिक एवं सामाजिक विशेषताओं तथा उनके प्राकृतिक आवास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान बाघ रक्षक विद्यालय, ढिकली एवं ढेला के छात्र-छात्राओं द्वारा हाथियों को फल एवं सब्जियां खिलाई गईं । हाथियों को नजदीक से देखकर तथा उनके व्यवहार को समझकर विद्यार्थी काफी उत्साहित एवं रोमांचित नजर आए । इसके उपरान्त छात्र-छात्राओं क लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने हाथियों एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की ।
तत्पश्चात विद्यालयी छात्र-छात्राओं को धनगढ़़ी इंटरप्रिटेशन सेंटर का शैक्षिक भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें कार्बेट टाइगर रिजर्व की जैव-विविधता, वन्यजीवों एवं संरक्षण प्रयासों के संबंध में जानकारी ‘दी गई। विश्व हाथी दिवस’ के अवसर पर विद्यर्थियों के लिए हाथियों के व्यवहार एवं जीवन पर आधारित जागरूकता एवं ज्ञानवर्धक फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यक्रम में श्री राहुल मिश्रा, आई.एफ.एस. उप निदेशक, कार्बेंट टाइगर रिजर्व, मो अकरम, चेयरमैन, रामनगर, श्री बिन्दर पाल, पारक वार्डन, श्री नवीन पाण्डे, वन क्षेत्राधिकारी, बिजरानी , ढेला, श्री धमपाल सिंह नेगी, वन दरोगा, कु. मानसी अररा, वन दरोगा, श्री प्रमोद सत्यवली, श्री मोहन उप्रेतो, श्रों संजय छिम्वाल, नेचुरलिस्ट सहित काबेट टाइगर रिजवं क अधिकारी , कमंचारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।विश्व हाथी दिवस के अवसर पर डॉ. साकेत बडोला, आई.एफ.एस. निदेशक, कार्बेंट टाइगर रिजर्व एवं श्री राहुल मिश्रा, आई.एफ.एस. उप निदेशक, कार्बेट टाइगर रिजर्व के निर्देशन में कालागढ रेंज के अंतर्गत हाथी कैम्प परिसर, कालागढ़ में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम का आयोजन श्रीमती मीनाक्षी चौधरी, मंडल अध्यक्ष, कालागढ एवं श्री नन्द किशोर रूवाली, वन क्षेत्राधिकारी, कालागढ के नेतत्व में किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्दश्य हाथियों के संरक्षण उनके पारिसिथितिकीय महत्व, प्राकृतिक आवास तथा जैव-विविधता के संरक्षण में उनकी भूमिका के प्रति विद्यार्थियों प्रशिक्षु वन आरक्षियों एवं स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा ।
कार्यक्रम के दौरान वन षेत्राधिकारी, झिरना श्री अभय जोशी, पूर्व वन क्षेत्राधिकारी, कालागढ़ श्री राकेश क्ुमार भट्ट, डॉ. सतीश कमार, प्रधानाचार्य, इंटर कॉलेज कालागढ़ एवं वन आरक्षी श्री अजीत सिंह चौहान द्वारा उपरिथत प्रतिभागियों, विद्यालयी छात्र-छात्राओं एवं कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र, कालागढ में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्ष वन आरक्षियों को हाथियों के जीवन, सामाजिक व्यवहार, भोजन, प्राकृतिक आवास, प्रजनन एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
इसके पश्चात हाथी कैम्प, कालागढ़ में उपरिथत स्टाफ द्वारा हाथियों को केले, गन्ना एवं गुड़ आदि खिलाया गया। तत्पश्चात कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र, कालागढ़ में हाथियों के जीवन एवं संरक्षण पर आधारित जागरूकता फिल्म का प्रदर्शन किया गया । फिल्म के माध्यम से प्रशिक्ष् वन आरक्षियों एवं विद्यालयी छात्र-छात्राओं को हाथियों के प्राकृतिक जीवन, व्यवहार, आवास एवं संरक्षण के संबंध में रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई ।
इस अवसर पर श्रीमती मीनाक्षी चौधरी, मंडल अध्यक्ष, कालागढ़, डॉ. सतीश कुमार, प्रधानाचार्य, इंटर कॉलेज कालागढ, श्री नन्द किशोर रूवाली, वन क्षेत्राधिकारी, कालागढ़, श्री अभय जोशी, वन क्षेत्राधिकारी झिरना, श्री इन्द्र सिंह बिष्ट यन क्षेत्राधिकारी, कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र, कालागढ, श्री जसवंत सिंह, पुलिस उप निरीक्षक, थाना कालागढ, श्री महेश चन्द्र जोशी वन दरोगा, श्री रक्षित पाण्डे, वन दरोगा / हाथी कम्प प्रभारी, श्री अजीत सिंह चौहान, वन आरक्षी सहित वन विभाग के अधिकारी / कर्मचारी, स्थानीय पुलिस स्टाफ, मीडिया प्रतिनिधि एवं गणमान्य सदस्य उपसि्थित रहे।
विश्व हाथी दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से हाथियों के प्रति प्रेम संवेदनशीलता एवं संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विद्यालयी छात्र-छात्राओं एवं भावी पीढ़ी को वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। कार्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा यह संदेश भी दिया गय कि हाथियों सहित सभी वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के अभिन्न अंग हैं तथा उनके संरक्षण के लिए वन विभाग के साथ–साथ समाज की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।
के वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं पश्चिकित्सा छात्रो का कार्बेंट टाइगर रिजर्व में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
आई.वी.आर.आई.
इसके अतिरिक्त. दिनांक 08 अगस्त 2026 को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आई.बी आर.आई.), इज्जतनगर से आए वरिष्ठ पैज्ञानिकों, हेल्थ एक्सपर्ट्स एवं 10 पशुचिकित्सा छात्रों के दल द्वारा कार्बेट टाइगर रिजर्व में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कार्बेट टाइगर रिजर्व के टाइगर सेल की कार्यप्रणाली एवं वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आई.वी.आर.आई. से आए दल को मानव-वन्यजीव संधर्ष प्रबंधन, वन्यजीव रेस्क्यू, वन्यजीव उपचार एवं प्रबंधन, रेस्क्यू के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओँ तथा वन्यजीवों के व्यवहार एवं उनके प्रबंधन से जुडे व्यवहारिक पहलुआँ क संबंध में सैद्धांतिक एवं व्यवहारिकप्रशिक्षण प्रदान किया गया । प्रशिक्षण के दौरान कार्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई जा रही व्यवरथाओं, अनुभवों एवं कार्यप्रणाली से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरान्त आज दिनांक 12 अगस्त 2026 को कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन किया गया । समारोह के दौरान डॉ. साकेत बडोला, आई.एफ.एस. फील्ड डायरेक्टर, कार्बेंट टाइगर रिजर्व द्वारा आई.वी.आर.आई. से आए दल के सदस्यों से प्रशिक्षण के दौरान उनके अनुभव एवं सीख के संबंध में जानकारी ली गई।
इस अवसर पर आई.वी.आर.आई. के प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया गया कि यह उनके लिए एक अत्यंत उपयोगी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण अनुभव रहा। उनकं द्वारा विशेष रूप से बताया गया कि वन्यजीवों के प्रबंधन एवं रेस्क्यू से संबंधित विषयों पर वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारियों, चिकित्साधिकारियों एवं वैज्ञानिको द्वारा प्रदान किया गया प्रशिक्षण अत्यंत प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक रहा तथा इससे उन्हें वन्यजीव प्रबंधन की व्यवहारिक चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
समापन समारोह के दौरान डॉ. साकेत बडोला, आई.एफ.एस., फील्ड डायरेक्टर द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान परिरिथितियां अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में त्वरित, वैज्ञानिक एवं प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का उपयोग भविष्य में वन्यजीवों के संरक्षण एवं प्रबंधन में करने का आह्वान किया ।
तत्पश्चात डॉ.. साकेत बडोला, आई.एफ.एस. फील्ड डायरेक्टर एवं डा. दुष्यंत शर्मा, ‘वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी द्वारा आई.वी.आर.आई. से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों, हेल्थ एक्सपटर्स एवं पशुचिकित्सा छात्रों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सफलतापूर्वक प्रतिभाग करने हेतु प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उनक उज्ज्वल भविष्य एवं भावी व्यावसायिक जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदश्य वन्यजीव चिकित्सा एवं प्रबंधन के ्त्र में वन्यजीव विशेष्ों पशुचिकित्सा विशेषज्ञों एवं भावी पशुचिकित्सकों के बीच ज्ञान एवं अनुभव ‘ का आदान-प्रदान बढ़ाना, मानव-वन्यजीव संघर्ष की परिसिथतियों में बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा वन्यजीव रेस्क्यू एवं उपचार की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।

समापन समारोह में डॉ. साकेत बडोला, आई.एफ.एस. फील्ड डायरेक्टर, कार्बेट टाइगर रिजर्व, श्री बिन्दर पाल, पार्क वार्डन, डॉ. दुष्यंत शमां वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, हेल्थ एक्सपटर्स एव पशुचिकित्सा छात्र, श्रीमती प्रेमा बिष्ट, वन आरक्षी सहित कार्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारी एवं कर्मचारी उपसिथत रहे।
