13 सितंबर 2026 , हरिद्धार
अभिनेत्री उर्मिला सनावर राठौर ने सामाजिक एकता एवं भाईचारे बनाए रखने की अपील की
आज अभिनेत्री उर्मिला सनावर राठौर ने अपने निवास पर प्रेस वार्ता के माध्यम से सामाजिक एकता को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हाल ही में विदेश से भारत लौटीं डॉ. रोहिणी द्वारा चमार और जाटव समाज को अलग-अलग बताए जाने संबंधी कथित बयान से वह असहमत हैं।
उर्मिला सनावर राठौर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के बीच व्यक्तिगत या राजनीतिक मतभेद हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत स्तर तक ही सीमित रखना चाहिए। किसी भी व्यक्तिगत विवाद का प्रभाव पूरे समाज पर नहीं पड़ना चाहिए और न ही किसी संगठन या समाज को बांटने का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे महापुरुषों ने हमेशा सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया है। संत रविदास जी की प्रसिद्ध पंक्तियाँ—
“ऐसा चाहूँ राज मैं, मिले सबन को अन्न।
छोट-बड़े सब सम बसें, रविदास रहें प्रसन्न।”
—हमें समानता और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उर्मिला सनावर राठौर ने कहा कि बहन मायावती जी हों या चंद्रशेखर आज़ाद, सभी को समाज जोड़करदेश नाम कमायाहै उनके ऊपर समाज बांटने का आरोप लगाना गलत है चंद्रशेखर रावण की और रोहिणी की लड़ाई व्यक्तिगत लड़ाई है उसे सामाजिक ना बनाएं लेकिन कुछ लोग आपदा में अवसर ढूंढ रहे हैं जो बाबा साहब के संविधान का दिया हुआ आरक्षण खत्म करने की बात कर रहे हैं
उन्होंने कहा, “हमारे समाज को जोड़ने की जरूरत है, तोड़ने की नहीं। किसी भी व्यक्ति के आपसी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन मतभेदों के आधार पर पूरे समाज के बीच विभाजन पैदा करना उचित नहीं है।”
अभिनेत्री ने सभी सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे, सम्मान और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दें तथा समाज को जातीय विभाजन के बजाय एकता और समानता के रास्ते पर आगे ले जाने का प्रयास करें



